भारत में चीन के लिए फिक्की साबित होगी इस बार की दिवाली।बहिष्कार के लिए सोशल मीडिया में मुहिम।

चीन के लिए फिक्की साबित होगी इस बार की दिवाली । बहिष्कार के लिए सोशल मीडिया में मुहिम।

भारत में चीन के लिए फिक्की साबित हो सकती है इस बार की दिवाली ।चीन हिंदुस्तान के बाजारों में अरबो का कारोबार करता है और आंतकवाद के मुद्दे पर चीन पाकिस्तान का साथ दे रहा है ,जिसके कारण हिंदुस्तान के लोगो में चीन के लिए गुस्सा है और इसके लिए वो आर्थिक तौर पर चीन को सबक सिखाना चाहते है दिवाली के मौके पर बाजारों में दिखाई देने वाले चीनी सामान जिनके बहिष्कार के लिए सोशल मीडिया में एक मुहिम भी  चलाई जा रही है । कई संस्थानों ने आंदोलन और चाइनीस सामान का बहिष्कार का ऐलान भी कर दिया है ।

 

पाकिस्तान से हमदर्दी

चीन के लिए फिक्की साबित होगी इस बार की दिवाली । बहिष्कार के लिए सोशल मीडिया में मुहिम।
प्रतीकात्मक फ़ोटो

गौरतलब है की चीन अक्सर भारत के विरोध के लिए पाकिस्तान के साथ हमदर्दी रखता है और आंतकवाद के मुद्दे पर अक्सर पाकिस्तान का साथ देता है । वो चाहे ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोकना हो या भारत के मोस्ट वॉन्टेड मसूद अज़हर की तरफदारी करना हो । इसलिए लोगो में पाकिस्तान के साथ चीन के लिए भी आक्रोश है । इस बार लोग और ये संस्थाए नहीं चाहती की जो पाकिस्तान से हमदर्दी रखता हो उस देश में हिंदुस्तान के लोगो का पैसा जाये । दरसल चीन हर त्यौहार और खास कर दिवाली पर अरबो का कारोबार हिंदुस्तान में करता है ।

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अरबो का कारोबार

चीन के लिए फिक्की साबित होगी इस बार की दिवाली । बहिष्कार के लिए सोशल मीडिया में मुहिम।
chiness goods. प्रतीकात्मक फ़ोटो

अगर कुछ पिछले आंकड़े देखे जाये तो 2006 में चीनी समान का कारोबार जहाँ 11 हजार करोड़ का था वही 2012 में बढ़कर 33 हजार करोड़ का हो गया था । जिसकी वजह से हर साल भारतीय बाजारों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है ।हरियाणा सरकार के कुछ मंत्रियों के आह्वान के बाद मंगलवार को रेवाड़ी, सोनीपत और फरीदाबाद से कई ट्रेड असोसिएशंस की ओर से चाइनीज सामान की खरीद-बिक्री नहीं करने की अपील और कुछ जगहों पर चाइनीज सामान जलाने की खबरें भी आईं ओर पुरानी दिल्ली के कुछ बाजारों की ट्रेड असोसिएशंस भी अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर चाइना के खिलाफ समर्थन जुटाती दिखीं।

चीन के लिए फिक्की साबित होगी इस बार की दिवाली । बहिष्कार के लिए सोशल मीडिया में मुहिम।
प्रतीकात्मक फ़ोटो

इस विरोध के बीच में एक और दलील ये भी आ रही है की इस बहिष्कार का नुक्सान चीन को कम और भारतीय व्यापारियों को ज्यादा होगा । फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड असोसिएशंस ने बताया, ‘दिवाली का 90 पर्सेंट चाइनीज माल डिलिवर हो चुका है। पेमेंट भी हो चुका है और कस्टम ड्यूटी भी जा चुकी है। अब किसी भी तरह की रोक से चीन का कुछ नहीं बिगड़ने वाला, जो नुकसान होगा वह भारतीय ट्रेडर्स का होगा।लेकिन चीनी समान के विरोध के सुर हर तरफ से उठ रहे है और देश की जनता में पाकिस्तान के चीन के लिए भी आक्रोश है ।

 

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